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कोरोना मरीजों से लखनऊ में हॉस्पिटल फुल

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           सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लखनऊ के केजीएमयू के कोविड हॉस्पिटल में बेड फुल हो गए हैं। दूसरे चरण के तहत अब तक 80 बेड पर भर्ती चालू की गई है। सभी बेड भरने से मरीजों को भर्ती के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।   केजीएमयू में 504 बेड हैं। पहले चरण के तहत 50 बेड पर भर्ती चालू की गई है। उसके बाद 30 बेड और खोले गए। इसमें आईसीयू और प्राइवेट वार्ड शामिल हैं। रविवार को सभी 80 बेड भर गए हैं। आधा दर्जन मरीज भर्ती के इंतजार में हैं।       कोविड हॉस्पिटल के नोडल ऑफिसर डॉ. जे डी रावत ने बताया कि सभी बेड भरे हैं। धीरे-धीरे कोविड के वार्ड खोले जा रहे हैं। क्योंकि अभी बाकी सभी वार्ड पूरी क्षमता से संचालित हो रहे थे।  ज्यादातर विभागों में बेड भरे हैं। ऐसे में कोविड हॉस्पिटल के सभी बेड पर भर्ती खोलने से डॉक्टर-पैरामेडिकल का संकट खड़ा हो सकता है। जैसे-जैसे दूसरे वार्डों से मरीज डिस्चार्ज हो रहे हैं ,  वैसे वैसे स्टॉफ की ड्यूटी कोविड हॉस्पिटल में लगाई जा रही है। लोहिया संस्थान में भी 70 से ज्यादा बेड भर चुके हैं।    ...

CM ठाकरे ने अधिकारियों को दिए लॉक डाउन की रणनीति बनाने के निर्देश

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    दोबारा lock down की तैयारी          महाराष्ट्र में कोरोना की स्थिति बेकाबू होती जा रही है। राज्य में रविवार को कोरोना के रिकॉर्ड 40 हजार से ज्यादा नए केस सामने आए। इससे सरकार की चिंता बढ़ गई है, और एक बार फिर से टोटल लॉकडाउन की तैयारी की जा रही है। कोरोना पर बनी टास्क फोर्स ने भी लॉकडाउन की सिफारिश  कर दी है। इसके बाद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मुख्य सचिव को लॉक डाउन की रणनीति बनाने के लिए कहा है।        मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार को कहा कि महाराष्ट्र में धारा 144 और नाईट कर्फ्यू से काम नहीं चलने वाला।  अब लॉकडाउन ही एकमात्र विकल्प है। उद्धव के इस बयान के बाद माना जा रहा है अगले एक से दो दिन में महाराष्ट्र में टोटल लॉकडाउन लगाने का ऐलान किया जा सकता है।         मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में बेड की संख्या, ऑक्सीजन और वेंटिलेटर्स की व्यवस्था के बारे में भी अधिकारियों से जानकारी ली है।            महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना ने सारे रिकॉर्ड्स तोड़ दि...

मेडिकल की छोड़ बाकी दुकानें रात 9 बजे होंगी बन्द

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    मास्क न लगाने पर on spot जुर्माना वसूला जाएगा   वाराणसी।  जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा तथा DIG/SSP अमित पाठक ने आज 25 मार्च को ट्रैफिक पुलिस सभागार में संयुक्त रूप से आगामी पंचायत चुनाव तथा शबे बरात और होली के त्योहारों के मद्देनजर जिले की कानून व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया और मातहतों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने नुक्से अमन के खतरे के मद्देनजर मेरिट के आधार पर संदिग्धों के विरुद्ध 107/16 की कार्यवाही करने के भी आदेश दिए। कोरोना के बढ़ते प्रकोप से निपटने हेतु आगामी दिनों से प्रभावी कार्यवाही के निर्देश भी मातहतों को दिए गए। लोगों को कोरोना से संबंधित सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करने हेतु चौराहों पर लगे पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम और मोबाइल गाड़ियों से प्रचार प्रसार कराने का निर्देश दिया। कल अर्थात 26 मार्च से मास्क न लगाने वालों और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन ना करने वालों से on spot जुर्माना वसूली की कार्रवाई शुरू करने का भी आदेश दिया। सरकारी कार्यालय अस्पतालों दुकानों, रेस्टोरेंट, मार्केट कंपलेक्स और बैंक आदि जगहों पर बिना  मास्क  के दाखिल होने पर रो...

लव जिहाद क़ानून के खिलाफ जमीअत उलेमा हिन्द की पक्षकार की याचिका सुप्रीम कोर्ट में मंज़ूर

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    सुप्रीम कोर्ट ने लव जिहाद क़ानून को चैलेंज करने वाली याचिकाओं में जमीअत उलेमा हिन्द को बतौर पक्षकार मान लिया है। इससे पहले की सुनवाई पर शीर्ष अदालत ने केंद्रीय और राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया था।   सिटीज़न फ़ॉर पीस एंड जस्टिस व अन्य संगठनों की जानिब से लव जिहाद के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर 17 फरवरी को सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने जमीअत के वकील ऑन रिकॉर्ड एजाज़ मक़बूल से पूछा कि इस केस में जमीअत उलेमा हिन्द का क्या हित है? और वह क्यों पक्षकार बनना चाहते हैं? जिस पर एडवोकेट एजाज़ मक़बूल ने कहा कहा कि जमीअत उलेमा हिन्द भारतीय मुसलमानों की प्राचीन संस्था है। और भारतीय मुसलमानों के धार्मिक, सांस्कृतिक और संवैधानिक हितों की सुरक्षा उसके बुनियादी उद्देश्यों में शामिल है। उन्होंने चीफ जस्टिस ए‌ एस बोबडे को बताया कि लव जिहाद कानून के तहत बड़ी तादाद में मुसलमानों को गिरफ्तार किया जा चुका है, और यह सिलसिला अभी जारी है। इसलिए इस असंवैधानिक कानून को खत्म करने के लिए दाखिल पेटिशन में जमीअत पक्षकार बनना चाहती है ताकि वह अदालत में अपना पक्ष रख सके।  ...

ज़ोर से लगने जा रहा बिजली विभाग का झटका

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   10 हजार रुपये व ज्यादा के बिजली बकायेदारों का कटेगा कनेक्शन वाराणसी। बिजली विभाग अब 10 हजार रुपये व उससे अधिक के बकायेदार उपभोक्ताओं का अगले हफ्ते से कनेक्शन काटेगा। इसके लिए अवर अभियंताओं के नेतृत्व में कई टीम गठित की जा रही है। पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन एम देवराज विच्छेदन अभियान की रोज समीक्षा भी करेंगे। इस अभियान की जद में ग्रामीण क्षेत्रों के बकायेदार भी होंगे। अधीक्षण अभियंता-द्वितीय दीपक अग्रवाल ने बताया कि अगले सप्ताह से अभियान शुरू होगा। बिना बिल जमा किए कनेक्शन जोड़ने पर एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।

लॉकडाउन उल्लंघन के मुकदमे होंगे वापस

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  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आदेश ढाई लाख लोगों को मिलेगी राहत उत्तर प्रदेश के व्यापारियों के बाद योगी सरकार अब  प्रदेश के लाखों लोगों को लॉकडाउन के दौरान हुए  मुकदमों में बड़ी राहत देने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी  जी ने प्रदेश में आमजन के ऊपर  कोविड-19 और लॉकडाउन तोड़ने को लेकर दर्ज हुए  मुकदमों को वापस लेने के निर्देश दिए हैं। इससे प्रदेश  के ढाई लाख से अधिक लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।  कोविड-19 और लॉकडाउन तोड़ने के मामलों में  पुलिस और कचहरी के चक्कर लगा रहे लाखों लोगों  व व्यापारियों को जल्द ही इन चक्करों से छुटकारा  मिल जाएगा। योगी सरकार प्रदेश भर के थानों में  लॉकडाउन की धारा 188 के उल्लंघन को लेकर दर्ज  हुए मुक़दमों  को वापस लेने की तैयारी कर रही है। अभी  हाल ही में सरकार ने प्रदेशभर के व्यापारियों के  खिलाफ लॉकडाउन के दौरान दर्ज हुए मुकदमें वापस  लिए जाने के निर्देश जारी किए थे। देश में उत्तर प्रदेश  पहला राज्य बनने जा रहा है जिसने व्यापारियों व आम जनता पर  लॉकडाउन के दौरान हुए मुकदम...

UP सरकार ने तय की कंटेन्मेंट ज़ोन की नई सीमा

लखनऊ :  प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति और नागरिकों की सुविधा का ध्यान रखते हुए प्रदेश सरकार ने कन्टेनमेन्ट जोन की नई परिधि तय कर दी है। नई व्यवस्था के अनुसार कोरोना पॉजिटिव का सिंगल केस पाए जाने पर 50 मीटर की परिधि में कन्टेन्मेन्ट जोन होगा। जबकि एक से अधिक केस पाए जाने पर, क्लस्टर की स्थिति में, कन्टेन्मेन्ट जोन का दायरा 100 मीटर की परिधि का होगा। यही नहीं, अगर एक ही आवास में एक से अधिक सक्रिय केस पाए जाएंगे, तो उस दशा में उसे सिंगल केस मानकर ही कन्टेन्मेन्ट जोन निर्धारित किया जाएगा। इससे पहले, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुसार प्रदेश में शादी-विवाह, धर्म-कर्म आदि सामूहिक गतिविधियों में लोगों की अधिकतम संख्या तय कर दी गई थी। कन्टेनमेंट जोन के बाहर समस्त सामाजिक, शैक्षिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनीतिक कार्यक्रमों एवं अन्य सामूहिक गतिविधियों में एक समय में किसी भी बन्द स्थान जैसे हॉल या कमरे की निर्धारित क्षमता के 50 प्रतिशत, किंतु अधिकतम 100 व्यक्तियों तक ही मौजूद रह सकते हैं। कार्यक्रमों में फेस मॉस्क, सोशल डिस्टेंसिंग, थर्मल स्केनिंग व सैनीटाइजर एवं ...